पूर्वांचल प्रकोष्ठ गुरुग्राम बीजेपी संयोजक धर्मेंद्र मिश्रा को हटाने पर बढ़ी नाराजगी, प्रदेश संयोजक के खिलाफ लामबंद   

गुरुग्राम भाजपा कार्यालय परिसर में रविवार को बैठक करते गुरुग्राम पूर्वांचल प्रकोष्ठ पदाधिकारी, सदस्य व पूर्वांचलवासी।

विरोध में जिला बीजेपी अध्यक्ष से मिले समर्थक, बीजेपी पूर्वांचल प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक पर पैसे लेकर पद बांटने का आरोप। गुरुग्राम से दो लोगों को बनाया प्रदेश महासचिव जबकि अपने गृह नगर फरीदाबाद से एक भी नहीं

प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक अंगद चौरसिया बोले, आरोप अनर्गल, सुचारू कार्य व कार्यक्रमों के लिए गुरुग्राम कार्यकारिणी में बदलाव

गुरुग्राम गज़ट ब्यूरो।

गुरुग्राम। पूर्वांचल और जिला बीजेपी के वरिष्ठ कार्यकर्ता धर्मेद्र मिश्रा को गुरुग्राम पूर्वांचल बीजेपी प्रकोष्ठ से हटाए जाने पर पूर्वांचलवासियों में भारी नाराज़गी है। धर्मेंद्र मिश्रा के समर्थकों और पूर्वांचल समाज से जुड़े कई संगठनों के लोग रविवार को सेक्टर 10ए स्थित बीजेपी कार्यालय में बैठक के बाद जिला अध्यक्ष की अनुपस्थिति में कार्यालय प्रभारी यादराम जोया से मिल और अपनी नाराजगी जाहिर की। जिला कार्यालय में आज ही दोपहर बाद तीन बजे प्रदेश बीजेपी पूर्वांचल प्रकोष्ठ के संयोजक अंगद चौरसिया के नई कार्यकारिणी की घोषणा का भी कार्यक्रम है।

गुरुग्राम पूर्वांचल प्रकोष्ठ संयोजक धर्मेंद्र मिश्रा को हटाए जाने के बाद बड़ी संख्या में जिला प्रकोष्ठ कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और पूर्वांचल समाज के लोग जिला कार्यालय पहुंचे और बिना किसी कारण के संयोजक को हटाए जाने का विरोध किया। उन्होंने, पूर्वांचल प्रदेश संयोजक अंगद चौरसिया पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी के समर्पित पूर्वांचल कार्यकर्ता को इस तरह अपमानित करने, मनमर्जी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने से पूर्वांचलवासियों को पार्टी से मोहभंग भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का ही प्रभाव है कि संयोजक अंगद चौरसिया ने गुरुग्राम में दो लोगों को प्रदेश प्रकोष्ठ का महासचिव बना दिया जबकि वे जिस फरीदाबाद शहर में रहते हैं, वहां प्रकोष्ठ का एक भी पदाधिकारी नहीं है। अब वे गुरुग्राम जिला प्रकोष्ठ में बदलाव कर भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की नई ईबारत लिखना चाहते हैं।

गुरुग्राम बीजेपी कार्यालय के बाहर उपस्थित पूर्वांचलवासी।

कार्यकारिणी में बदलाव और लगाए गए आरोपों पर गुरुग्राम गज़ट के पूछे जाने पर प्रदेश संयोजक अंगद चौरसिया ने कहा कि आरोप हटाए जाने की प्रतिक्रियास्वरूप है। कार्यकारिणी में बदलाव गुरुग्राम प्रकोष्ठ को मजबूती देने के लिए किया गया है। पूर्व गुरुग्राम संयोजक विगत एक साल से काम नहीं कर रहे थे और न ही प्रकोष्ठ के आदेशों का पालन कर रहे थे। पूछे जाने पर कि क्या प्रदेश प्रकोष्ठ विगत एक साल में गुरुग्राम प्रकोष्ठ के राजनीतिक-सामाजिक कार्यक्रमों और विस्तार योजनाओं संबंधित कोई आदेश औपचारिक रूप से गुरुग्राम संयोजक को जारी किया है। जवाब में उन्होंने कहा कि, प्रदेश प्रकोष्ठ की तरफ से  लिखित रूप से कोई आदेश जारी नहीं किया गया बल्कि मौखिक रूप से मैं बात करता था।

धर्मेंद्र मिश्रा को निकाले जाने पर नाराजगी जताने वालों में पूर्वांचल प्रकोष्ठ जिला गुरुग्राम के सह संयोजक अरूण सिंह, सुनील सिंह, सचिव राजेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष विजय तिवारी सहित पूर्वांचल समाज से श्याम सागर सिंह, राजेंद्र यादव, विजय सिंह, मनोज वर्मा, जेपी मिश्रा, उमाशंकर ठाकुर, रितेश श्रीवास्तव, रमेश सिंह, धर्मराज यादव, अरूण चतुर्वेदी, बाबू, गुलाब दत्ता मिश्रा, मनोज दूबे, अखिलेश मिश्रा, अवधेश शुक्ला, सोनू सहित बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे।

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