SavitriBai Phule : जन्मजयंति पर गुरुग्राम महिला जनसेवा समिति का नमन

गुरुग्राम के राजेंद्रापार्क में सावित्रिबाई फुले को नमन।

“19 शताब्दी में तमाम सामाजिक बुराइयों से जकड़े समाज में सावित्रि बाई फुले ने महिलाओं के शैक्षिक उत्थान में ऐतिहासिक योगदान दिया। पति ज्योतिराव फुले ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया।” 

गुरुग्राम गजट ब्यूरो।

महान समाज सुधार सेविका सावित्रीबाई ज्योति राव फुले को उनकी जन्म-जयंति के मौके पर यहां राजेंद्रापार्क स्थित ई-ब्लॉक में महिला जनसेवा समिति के तत्वावधान में दीप प्रज्वलन व पुष्प अर्पित भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर उनके व्यक्तित्व व कृतित्व का गुणगान के साथ ही समाज को उनसे प्रेरणा लेने की सीख दी गई।

मौके पर जन सेवा समिति की अध्यक्षा रूपा पटेल ने कहा कि 1831 में महाराष्ट्र के सतारा के नायगांव गांव में जन्मी सावित्रिबाई फुले ने तत्कालीन भारत में बालिकाओं के लिए पुणे में 1848 में पहले स्कूल की स्थापना की। उन्होंने उस दौर में समाज में महिला शिक्षा विरोधी वातावरण का विरोध किया और प्रसारित किया कि महिलाओं का शिक्षा पर उतना ही हक है जितना की पुरूष का। शिक्षा से ही समाज में फैली कुरीतियों और अंधविश्वासों का अंत किया जा सकता है। उन्होंने अपनी लगन और मेहनत के दम पर लड़कियों के लिए 18 स्कूल खोले।

सावित्रीबाई ने समाज में प्रचलित ऐसी कुप्रथाओं का विरोध किया जो खासतौर से महिलाओं के विरुद्ध थी। उन्होंने सती प्रथा, बाल-विवाह और विधवा विवाह निषेध के खिलाफ आवाज उठाई और जीवनपर्यंत उसके लिए लड़ती रहीं। सावित्रीबाई का निधन 10 मार्च, 1897 को हुआ।

सभा में रश्मी, रानी, रितू, रिया, हर्षिता, अनुपमा सिह, संगीता, निशा, डिम्पल, बेबी, आदित्य, राहुल राज, राहुल तिवारी, अभिषेक, सुमित, संदीप, विकास ने श्रद्धांजलि अर्पित किया।

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