गुरुग्राम विस सीट : हुड्डा ने कांग्रेस हित से ज्यादा व्यक्तिगत संबंधों को दी तरज़ीह!

भूपेद्र सिंह हुड्डा-सुखबीर कटारिया (फाइल-डिजाइन फोटो)

जनता और पूर्व कांग्रेस नेताओं का आरोप, गुरुग्राम विधानसभा सीट की प्रकृति और पार्टी की राजनीतिक-रणनीतिक स्थिति के खिलाफ सुखबीर कटारिया को दी गई टिकट

डॉ. मनोज कुमार तिवारी/ गुरुग्राम गज़ट। 

गुरुग्राम। हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन ने जिस प्रकार से स्वयं कांग्रेस पार्टी के अंदर कई सवालों और गुटों को जन्म दिया है, ठीक उसी प्रकार से गुरुग्राम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को स्वयं कांग्रेसी ही नहीं पचा पा रहे हैं। कांग्रेस के टिकट वितरण पर गंभीर सवाल तो स्वयं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष अशोक तंवर ने ही उठाएं हैं। ऐसी स्थिति में गुरुग्राम में पार्टी की उम्मीदवारी को लेकर कार्यकर्ताओं का पार्टी छोड़ने का सिलसिला पूरे चुनाव प्रचार तक चला।

सबसे बड़ा सवाल है कि जब अपनी सरकार में मंत्री बनाने और पूरे पांच साल तक भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ ही राहुल गांधी और सोनिया गांधी का ‘जयगान’ करने के बाद भी 2014 में तत्कालीन सीएम हुड्डा ने सुखबीर कटारिया को टिकट नहीं दिया तो 2019 क्यों इन पर दाव खेला? सवाल यह भी कि हरियाणा राज्य बनने के पांच दशक के बाद पहली बार बीजेपी द्वारा पांच साल के लिए पंजाबी मख्यमंत्री बनाने के बाद भी हुड्डा ने पंजाबी मतदाता बाहुल्य  विधानसभा क्षेत्र गुरुग्राम से पंजाबी बिरादरी को हुड्डा ने नजरंदाज क्यों किया। इस सवाल के जवाब में सुखबीर कटारिया को टिकट देने से नाराज होकर कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामने वाली पंजाबी समुदाय की नेता व पार्षद सीमा पाहुजा ने कहा कि भ्रष्टाचार एक बड़ी वज़ह है। दूसरा कि हुड्डा ने पंजाबी समुदाय के बदले अपने व्यक्तिगत संबंधों को ज्यादा तवज्जो दी।

उधर, कांग्रेस द्वारा सुखबीर कटारिया को उम्मीदवार बनाने के बाद गुरुग्राम की जनता ने इस मुद्दे पर अपनी राय दी और माना कि अच्छा होता कि पूर्व सीएम और कांग्रेस चुनाव कमेटी के प्रधान भूपेंद्र सिंह हुड्डा 2014 विधानसभा में अपनी सरकार में मंत्री रहे सुखबीर कटारिया को कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ाते। लेकिन उस समय उन्होंने ऐसा नहीं किया जबकि उस दौरान कटारिया और हुड्डा दोनों के पास जनता के पास सरकार में रहते अपने कामों का जिक्र करने का एक अच्छा मौका होता। हालांकि, सुखबीर कटारिया निर्दलीय चुनाव लड़े और बुरी तरह पराजित हुए व जमानत तक नहीं बचा सके। उस समय भी कांग्रेस उम्मीदवार धर्मवीर गाबा सुखबीर कटारिया के 15,755  वोटों के मुकाबले 19,094 वोट प्राप्त किए थे। हुड्डा और कांग्रेस ने भारत माता की जय की जगह सोनिया गांधी और राहुल गांधी की जय बोलने को तवज्जो देने वाले सुखबीर कटारिया को गुरुग्राम विस सीट से उम्मीदवार बनाना यह बताता है कि गुरुग्राम विस के प्राकृतिक स्वभाव व पार्टी की राजनीतिक व रणनीतिक स्थिति पर व्यक्तिगत संबंधों को तवज्जो दी गई।

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